03 December, 2022

केदारनाथ में एक दिन में 12 हजार यात्री करेंगे दर्शन

चार धाम यात्रा राज्य सरकार की सीमित केदारनाथ में हर दिन 12 हजार श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

char dham yatra uttarakhand

चार धाम यात्रा मई के पहले हफ्ते से शुरू हो रही है। पिछले 2 सालों से कोविड 19 बीमारी को देखते हुए यात्रा प्रभावित हुई है थी लेकिन इस बार चार धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यापारियों के चेहरे खिले हुए है। लागातर आ रही एडवांस बुकिंग को देखते हुए राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। इस बार चारों धामो में यात्रियों की संख्या को सीमित कर दिया गया। राज्य सरकार ने बद्रीनाथ धाम प्रतिदिन 15 हजार केदारनाथ 12 हजार गंगोत्री में 7 और यमुनोत्री धाम में 4 हजार यात्री प्रतिदिन जा सकेंगे। यह निर्णय चारो धामो में अव्यस्था की स्थिति उत्पन्न ना हो इसलिए की है। यह आदेश अगले 45 दिनों के लिए किया गया। आपको बताते चले कि गंगोत्री, बद्रीनाथ में यात्रियों को सड़क मार्ग से जाना होता है जबकि यमुनोत्री धाम में यात्री जानकीचट्टी से पैदल 5 किमी का ट्रेक यमुनोत्री धाम में जाते है और फिर वापस शाम को लौट आते है। स्थिति केवल केदारनाथ धाम की विकट है क्योंकि केदारनाथ में रात्रि विश्राम की सीमित व्यवस्था है।

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रात्रि 10 बजे के बाद चारों धाम के राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन प्रतिबंधित रहेंगे

राज्य सरकार ने चारों धामो में वाहनों के रात्रि 10 से सुबह 4 बजे आवाजाही पर रोक लगा दी है। केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग में  चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। करीब 900 किमी राजमार्ग में कई लैंडस्लाइड और एक्सीडेंट प्रोन इलाक़े है। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग में ही करीब दो दर्जन से अधिक भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र है। इसके अलावा कई जगहों सड़क काफी तंग है जिससे जगह जगह जाम की स्थिति पैदा होगी। ऐसी स्थिति में कई यात्री अपने गंतव्य स्थान तक पहुँचने में देरी हो जाएगी।

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केदारनाथ धाम के दर्शनों के लिए सबसे ज्यादा भीड़

चार धाम यात्रा  में इस बार भी सबसे ज्यादा बुकिंग और क्रेज केदारनाथ धाम को लेकर है। इस बार यहाँ जीएमवीएन के ही मई महीने की पूरी बुकिंग हो चुकी है। इस बार गाड़ियों की भी एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। गुप्तकाशी से गौरीकुण्ड तक इस बार कई जगह होटल और लॉज पूरी तरह पैक हो चुके है।

Sandeep Gusain

नमस्ते साथियों।

मैं संदीप गुसाईं एक पत्रकार और content creator हूँ।
और पिछले 15 सालों से विभिन्न इलेक्ट्रानिक मीडिया चैनल से जुडे हूँ । पहाड से जुडी संवेदनशील खबरों लोकसंस्कृति, परम्पराएं, रीति रिवाज को बारीकी से कवर किया है। आपदा से जुडी खबरों के साथ ही पहाड में पर्यटन,धार्मिक पर्यटन, कृषि,बागवानी से जुडे विषयों पर लिखते रहता हूँ । यूट्यूब चैनल RURAL TALES और इस blog के माध्यम से गांवों की डाक्यूमेंट्री तैयार कर नए आयाम देने की कोशिश में जुटा हूँ ।

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