01 February, 2023

ब्रह्मताल उत्तराखंड

देवभूमि में हिमालय की तलहटी में कई दैवीय ताल स्थित है। एक ऐसा ही देव शक्ति का ताल चमोली जिले के देवाल ब्लॉक में स्थित है। ये ट्रेक उत्तराखंड के सबसे बेहतरीन विंटर और रैनी सीजन ट्रैक में से एक है। समुद्रतल से 10 हजार फ़ीट पर स्थित ब्रह्मताल प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग से […] आगे पढ़ें।

Kumati Village

इस गाँव में बनी है घरों की कॉलोनी कुमाँऊ में भवन निर्माण की समृद्ध परंपरा रही है। कुमाऊँ में पहले गाँव ऐसी तरह बसते थे जिसमें लंबी श्रृंखला में मकान बनाये जाते थे जिन्हें बाखली कहा जाता है। नैनीताल जिले  के मुक्तेश्वर से करीब 20 किमी की दूरी पर एक गाँव है कुमाटी जो आज […] आगे पढ़ें।

महाशिवरात्रि मेला – शिवरात्रि पर होता है देवताओं का संगम

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में अंतर्राष्ट्रीय महाशिवरात्रि मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में स्थानीय देवी देवताओं की रथ मंडी शहर पहुँचती है। और 7 दिनों तक मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में शैव, विष्णु और स्थानीय लोक देवताओ का संगम दिखाई देता है। पहले मंडी रियासत के राजाओं की […] आगे पढ़ें।

पहाड़ का ब्वारी गाँव

उत्तराखंड में ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाएं है। पहाड़ के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने और ग्रामीण जीवन को करीब से देखने के लिए हर साल सैलानियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उत्तरकाशी जिले के मथोली गाँव की कहानी भी कुछ नया संदेश दे रही है। इस गॉंव के एक युवा प्रदीप पंवार ने […] आगे पढ़ें।

जेहरा गॉंव-इस गॉंव में रहते है हिमाचल के देवशिल्पी

आपने हिमाचल प्रदेश के मंडी , कुल्लू, शिमला, किन्नौर शहरों में बने भव्य नक्काशीदार मंदिरों के दर्शन जरूर किये होंगे। इन मंदिरों को बनाने वाले देवशिल्पी मंडी जिले के सिराज क्षेत्र में रहते है। मंडी जिले के जेहरा धनोट गाँव देवशिल्पियों के गॉंव के रूप में प्रसिद्ध है। यहाँ भारद्वाज जाति के लोग सदियों से […] आगे पढ़ें।

मकर संक्रांति के दिन इस गॉंव में होता है कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध – देवरा गाँव

उत्तराखंड देवभूमि है और यहाँ के कण कण में देवताओ का वास है। उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक में देवरा गाँव  इसका जीता जागता उदाहरण है। यहाँ आज भी महाभारत काल की परंपरा दोहराई जाती है। इस गाँव में मकर संक्रांति के दिन अनोखा पर्व मनाया जाता है जिसे हिंडोडा कहा जाता है । जो गेंद के […] आगे पढ़ें।

बैटल ऑफ बसंतर के हीरो – भारतीय सेना का करिश्माई संत जनरल

भारतीय फौज में एक से बढ़कर एक करिश्माई जवान और अधिकारी हुई है जिन्होंने अपने अदम्य साहस के दम पर पूरे दुश्मन को धूल चटा दी।जिनकी वीरता को देखते हुए दुश्मन देश ने भी उन्हें सम्मानित किया।उत्तराखंड के वीर जांबाज जसवंत सिंह रावत हो या फिर राजस्थान के बाड़मेर जिले के  संत जनरल हणुत सिंह […] आगे पढ़ें।

भारत का अंतिम गांव – द लोन विलेज गंगी

उत्तराखंड  की हसीन वादियों में बसा है एक ऐसा गांव है जो उधार देता है। ये सुन कर आपको भी अजीब लग रहा होगा लेकिन ये हकीक़त है। टिहरी जनपद के सीमान्त विकासखंड भिलंगना में स्थित है एक हैरतंगेज गांव……….जिसकी अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान है.. इस गांव के लोग दूसरी घाटियों को उधार देते जिसमें […] आगे पढ़ें।

कौसानी की खूबसूरती और कोसी नदी की कहानी | अल्मोड़ा बागेश्वर Uttarakhand

कोसी नदी अल्मोड़ा जिले की लाइफलाइन मानी जाती है जो अल्मोड़ा बागेश्वर जिले की सीमा पर स्थित गाँव काटली से निकलती है।काटली गाँव अल्मोड़ा जिले का अंतिम गाँव है जिसकी सीमा बागेश्वर से लगती है।इस गांव में करीब 450 परिवार रहते है।अल्मोड़ा से काटली गाँव 55 किमी की दूरी पर स्थित है जबकि कौसानी से […] आगे पढ़ें।

चौमासी गांव रुद्रप्रयाग उत्तराखंड

चौमासी गांव उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है।ये गांव केदारनाथ यात्रा मार्ग के प्रमुख पडाव गुप्तकाशी से 25 किमी की दूरी पर बसा है।चौमासी गाँव से केदारनाथ धाम जाने का पुराना वैकल्पिक मार्ग है जो 2013 की आपदा में सबसे ज्यादा सुरक्षित रहा। उत्तराखंड में हर साल चार धाम यात्रा में लाखों श्रद्धालु आते […] आगे पढ़ें।