05 December, 2022

नौकुचियाताल नैनीताल में पैराग्लाइडिंग

क्या आपने हवा में रोमांच का अनुभव किया है? जमीन से सैकड़ो मीटर ऊपर हवा से बातें की है। चिड़ियों की तरह हवा में करतब किये है। अगर हवा और ऊँचाई से आपको डर नही लगता तो फिर भीमताल- नौकुचियाताल की वादियाँ आपको बुला रही है। इस गर्मी में आपको रोमांच की एक अलग दुनिया एक बार जरूर आना चाहिये।

Paragliding Naukuchiyatal Nainital uttarakhand

पैरागलिडिंग का हब बन रहा नैनीताल का नौकुचियाताल

 नैनिताल में पिछले कुछ वर्षों से साहसिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। यहाँ हवा में रोमांच का पर्याय बन चुका है। पैराग्लाइडिंग…. यूँ तो नैनीताल के रामगढ़, मुक्तेश्वर, भीमताल, सात ताल और नौकुचियाल में माउंटेन बाइकिंग, जिपलाइन, रिवर क्रासिंग, रॉक क्लीबिंग की गतिविधियां संचालित हो रही है लेकिन पैराग्लाइडिंग जिस तेजी से बढ़ रहा है उससे भीमताल नौकुचियाताल की इकोनॉमी लगातार बढ़ रही है और ये पूरा इलाका एडवेंचर स्पोर्ट्स का हब बन रहा है। स्थानीय युवा भी इससे काफी उत्साहित है।

ट्रेनिंग के लिए हिमाचल प्रदेश का करना पड़ रहा है रुख

एडवेंचर स्पोर्ट्स की गतिविधियां तो बढ़ रही है लेकिन कुछ दिक्कते भी सामने आ रही है। पैराग्लाइडिंग की अप्रोच सकड़े खस्ताहाल है। जो टेक ऑफ और लैंडिंग स्थान है वहाँ पर सुविधाओ की कमी है। राज्य सरकार ने पैराग्लाइडिंग की नीति तो बना दी लेकिन युवाओं को ट्रेनिंग के लिए हिमाचंल का रुख करना पड़ रहा है। युवाओं की मांग है कि राज्य सरकार की तरफ से भीमताल नौकुचियाताल में ट्रेनिंग कैम्प लगाए जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स की सबसे बड़ी खूबी है कि बरसात को छोड़ दे तो पूरे साल भर सैलानी यहाँ आते रहते है।

 चंदन पैराग्लाइडिंग पॉयलट है और बताते है कि उन्होंने हिमाचल में जाकर ट्रेनिंग ली है जो काफी महँगी साबित हुई।

Paragliding Naukuchiyatal Nainital uttarakhand

सुरक्षा का रखा जाता है विशेष ध्यान

पैराग्लाइडिंग में जितना रोमांच है उतना ही सेफ्टी का भी ध्यान रखना पड़ता है। हर पैराग्लाइडिंग पॉयलट प्रशिक्षित होना जरूरी है और उड़ान भरने से पहले रिजर्व पिराशूट जरूरी है और एक बार आपने उड़ान भर दी फिर तो आप हवा से बातें करिये। पैरा ग्लाइडिंग के लिए भीमताल नौकुचियाताल क्षेत्र में करीब 12 पैराग्लाइडिंग कंपनियां को राज्य सरकार ने लाइसेंस दिया है। ये पूरा इलाका पैराग्लाइडिंग के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। सैलानियों को भी पैरा ग्लाइडिंग के रोमांच का जमकर लुफ्त उठा रहे है। हर दिन दिल्ली, राजस्थान, यूपी, केरल,पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के युवा यहाँ आते है।

 प्रशासन की कोशिशें इस इलाके को एडवेंचर हब बनाने की है लेकिन विशेषज्ञ बताते है कि अभी और कोशशि की जानी जरूरी है। उनकी माने तो यहाँ ट्रैवल एजेंसियों को बुलाना चाहिए। विशेषज्ञ मानते है कि  इस पूरे इलाके में एडवेंचर स्पोर्ट की बहुत संभावनाएं है और भविष्य में भी और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देश में मनाली और बीर बिलिंग पैराग्लाइडिंग के सबसे बड़े हब है। जहाँ देश ही नही बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में सैलानी उड़ान भरकर हवा में रोमांच का अनुभव लेते है।भीमताल नौकुचियाताल भी पैराग्लाइडिंग की दृष्टि से तेजी से उभर रहा है।

Sandeep Gusain

नमस्ते साथियों।

मैं संदीप गुसाईं एक पत्रकार और content creator हूँ।
और पिछले 15 सालों से विभिन्न इलेक्ट्रानिक मीडिया चैनल से जुडे हूँ । पहाड से जुडी संवेदनशील खबरों लोकसंस्कृति, परम्पराएं, रीति रिवाज को बारीकी से कवर किया है। आपदा से जुडी खबरों के साथ ही पहाड में पर्यटन,धार्मिक पर्यटन, कृषि,बागवानी से जुडे विषयों पर लिखते रहता हूँ । यूट्यूब चैनल RURAL TALES और इस blog के माध्यम से गांवों की डाक्यूमेंट्री तैयार कर नए आयाम देने की कोशिश में जुटा हूँ ।

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