01 February, 2023

कौसानी की खूबसूरती और कोसी नदी की कहानी | अल्मोड़ा बागेश्वर Uttarakhand

कोसी नदी अल्मोड़ा जिले की लाइफलाइन मानी जाती है जो अल्मोड़ा बागेश्वर जिले की सीमा पर स्थित गाँव काटली से निकलती है।काटली गाँव अल्मोड़ा जिले का अंतिम गाँव है जिसकी सीमा बागेश्वर से लगती है।इस गांव में करीब 450 परिवार रहते है।अल्मोड़ा से काटली गाँव 55 किमी की दूरी पर स्थित है जबकि कौसानी से 9 किमी की दूरी पर ये गाँव बसा हुआ है।काटली से रुद्राधारी झरना करीब 1.5 किमी की दूरी पर स्थित है।

Kausani village uttarakhand
KATALI village uttarakhand

कोसी नदी जब कौसानी के जंगलो से निकलती है तो सोमेश्वर घाटी होते हुए अल्मोड़ा शहर की तलहटी से होते हुए रामनगर पहुँचती है।कोसी नदी के किनारे सैकड़ो गाँव में धान की खेती होती है।

kausani village uttarakhand

फसलों में धान, मंडुआ,गेंहू, जौ,भट्ट,मास तिल और आलू का उत्पादन होता है।ग्रामीण बड़ी मात्रा में पारंपरिक अनाजो का उत्पादन करते है।काटली गाँव से करीब 7 किमी की दूरी पर स्थित कुश घास की जड़ से कोसी की धारा निकलती है और दूसरी धारा रुद्राधारी फॉल से आती है।जिस स्थान से कोसी का उद्गम है वहाँ पर कौशिक मुनि ने तपस्या भी की थी।

कोसी नदी का उद्गम

Kausani river uttarakhand
Kausani River uttarakhand

कोसी नदी अल्मोड़ा जिले के साथ ही नैनिताल जिले के एक बड़े भूभाग की भी लाइफलाइन है।इस नदी का उद्गम अल्मोड़ा जिले के बारामंडल परगने की बोरारौ पट्टी के अंतर्गत भटकोट पिननाथ शिखर है।अल्मोड़ा-नैनिताल से होते हुए यह नही उत्तर प्रदेश में रामगंगा नदी में मिल जाती है।यह नदी एक बड़े भूभाग में सिंचाई उपलब्ध कराती है।

पुराणों में भी है कोसी नदी का जिक्र

kausani Revier uttarakhand

लोक मान्यताओं में कोसी को शापित नदी माना जाता है. कहा जाता है कि कोसी समेत रामगंगा, सरयू, भागीरथी, काली, गोरी, यमुना नदियां कुल सात बहिनें थी. सभी बहनों में कोसी कुछ गुसैल मिजाज की थी. एक बार सातों बहनों में एक साथ चलने की बात हुई. बाकीं बहिनें जब समय पर नहीं पहुंची तब कोसी गुस्से में अकेली चल दी. बाकि बहिनों ने जब कोसी को न देखा तो उसे श्राप दिया कि तू हमसे अलग-थलग बहेगी और तुझे कभी पवित्र नदी नहीं माना जायेगा.

Sandeep Gusain

नमस्ते साथियों।

मैं संदीप गुसाईं एक पत्रकार और content creator हूँ।
और पिछले 15 सालों से विभिन्न इलेक्ट्रानिक मीडिया चैनल से जुडे हूँ । पहाड से जुडी संवेदनशील खबरों लोकसंस्कृति, परम्पराएं, रीति रिवाज को बारीकी से कवर किया है। आपदा से जुडी खबरों के साथ ही पहाड में पर्यटन,धार्मिक पर्यटन, कृषि,बागवानी से जुडे विषयों पर लिखते रहता हूँ । यूट्यूब चैनल RURAL TALES और इस blog के माध्यम से गांवों की डाक्यूमेंट्री तैयार कर नए आयाम देने की कोशिश में जुटा हूँ ।

2 responses to “कौसानी की खूबसूरती और कोसी नदी की कहानी | अल्मोड़ा बागेश्वर Uttarakhand”

  1. Paras Singh Rawat says:

    Waaah aisi khubsurti sirf uttarakhan m he mil skti hai. Apka bhut bhut dhanyawad 🙏🙏🙏

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