01 February, 2023

जोशीमठ ही नहीं कई पहाड़ी शहर और गाँव है ख़तरें में

पहाड़ों में है सैकड़ों दरकतें और धसते गाँव पिछले साल जोशीमठ शहर के सैकड़ों मकानों के भू धसाव की खबरें तो आप लगातर देख रहे होंगे लेकिन जोशीमठ का ही अस्तित्व खतरे में नहीं है बल्कि पहाड़ के पहाड़ अनियंत्रित विकास की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। चमोली जिले की उर्गम घाटी के देवग्राम में […] आगे पढ़ें।

घोड़े खच्चरों की मौत का जिम्मेदार कौन?

बेजुबान की जान इतनी सस्ती तो नही केदारनाथ पैदल मार्ग में घोड़े खच्चरों की मौत रुक नही रही है। सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक समान और हजारों यात्रियों को ले जा रहे घोड़े खच्चरों की मौत ने पूरे यात्रा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। हर दिन पैदल मार्ग में 2 से 3 खच्चर […] आगे पढ़ें।

केदार पर खतरा

केदारनाथ में नया खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा प्राकृतिक नही बल्कि मानवीय खतरा है। केदारनाथ मंदिर के ठीक पीछे बड़े स्तर पर ग्लेशियर क्षेत्र में खनन किया जा रहा है। यह खनन पिछले 6 सालों से लागातर जारी है। पूरे केदारपुरी में जो भी निर्माण कार्य किया जा रहा है वह इसी इलाके में […] आगे पढ़ें।

चारधाम यात्रा गुप्तकाशी उत्तराखण्ड

चारधाम यात्रा रूट के सबसे भरोसेमंद होटल उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। केदारघाटी में  यूं तो रहने के लिए कई बजट होटल है और कई महंगे रिसोर्ट है लेकिन सबसे ज्यादा डिमांड GMVN के होटल की है। यात्रा शुरू होने से पहले जैसे ही GMVN ने अपनी बुकिंग ऑनलाइन शुरू की तो […] आगे पढ़ें।

किस्से केदारनाथ के पार्ट 1

किस्से केदारनाथ के 22 अप्रैल को जब मैं गौरीकुण्ड से केदारनाथ के लिए पैदल चल रहा था तो मन में एक नई ऊर्जा और आनंद का संचरण हो रहा था। सुबह 6 बजे नाश्ता करने के बाद घोड़े खच्चरों के पैरों और घंटियों की आवाज कानों में गूंज रही थी। गौरीकुंड में काफी चहल पहल […] आगे पढ़ें।

चोराबाड़ी ताल केदारनाथ

कहानी केदारनाथ त्रासदी की 2013 की हिमालयन सुनामी को आखिर कौन भूल सकता है। पूरे पहाड़ ने इस जलजले को सहा लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान केदारघाटी में दिखाई दिया। आखिर क्या कारण रहे जिससे पूरी केदारघाटी में आज भी तबाही के मंजर जिंदा है। 2013 के जून महीने में मानसून और पश्चिमी विक्षोभ हिमालय में […] आगे पढ़ें।

केदारनाथ श्रद्धालुओं को आ रही हैं दिक्कतें

बेस कैम्प से मंदिर प्रांगण तक नही कोई भी रैन शेल्टर आपदा के बाद पिछले 9 सालों से बेस कैम्प से मंदिर प्रांगण तक करीब 2 किमी तक कोई भी रेन शेल्टर नही है। इस समय हर दिन बारिश हो रही है और यात्री भीगने को मजबूर रहते है। जब मंदिर प्रागंण से पहले करीब […] आगे पढ़ें।

बामणी गांव बद्रीनाथ उत्तराखंड

कपाट खुलने के साथ लौटी बामणी गाँव की रौनक बामणी गांव में बद्रीनाथ के कपाट खुलने के साथ ही गांव की रौनक लौट आई है। नारायण की सेवा के साथ ही गाँव के लोग रोजगार भी प्राप्त करते हैं। बद्रीनाथ के कपाट खुलने के बाद बद्रीशपुरी के निकट स्थित बामणी गांव में भी इन दिनों […] आगे पढ़ें।

भीड़ ने कर दिया पर्यावरणीय संकट

केदारनाथ से प्लास्टिक हटाने की मुहिम शुरू केदारनाथ धाम देश विदेश के करोड़ों भक्तों का आस्था का केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ ने नई पर्यावरणीय संकट खड़ा कर दिया है। धाम में हर दिन 15 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुँच रहे है। सीमित व्यवस्था होने के कारण धाम में प्लास्टिक का […] आगे पढ़ें।

देवमाली राजस्थान

देवमाली गाँव जो आज भी सीमेंट से है कोसों दूर भारत गांवो में बसता है। अलग अलग राज्यों में कई अनोखे गाँव है जो अपनी परंपरा, संस्कृति और अनोखे रीति रिवाज के लिए जाने जाते है। राजस्थान के अजमेर जिले में एक ऐसा गाँव है जहाँ आज भी पक्के मकान नही बनाये जाते है क्या […] आगे पढ़ें।